पैला वाल़ा भाव कठै छै!
सबरी बोरां साव कठै छै!!1
राम आपरो स्वारथ भाल़ै!
नेह परखणा चाव कठै छै!!2
रोप्या हा तो रोप जाणिया!
अंगद वाल़ा पाव कठै छै!!3
तूंकारै आंख्यां झट तणती!
मूंछां वाल़ा ताव कठै छै!!4
कागा बैठा करै कारोल़्यो!
हंसां वाल़ा राव कठै छै!!5
नीर -खीर रो भेद नितारै!
इसड़ोड़ा उमराव कठै छै!!6
घातां में रातां व्है काल़ी!
वैरी वाल़ा घाव कठै छै!!7
सैण देखियां मन सरसातो!
बो तो अब उछाव कठै छै!!8
गिरधरदान रतनू दासोड़ी
सोमवार, 5 सितंबर 2016
पैला वाल़ा भाव कठै छै!
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